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Shukrayaan 1 : ISRO Venus Mission की जानकारी और Latest News, इसरो का शुक्रयान-1 मिशन

Shukrayaan 1 : शुक्र ग्रह की सतह और वातावरण का अध्ययन करने के लिए शुक्रयान-1 (Shukrayaan-1) भारतीय अंतरिक्ष अनुसंधान संगठन (इसरो) द्वारा प्रस्तावित एक सेटेलाइट मिशन है।

Shukrayaan 1, ISRO Venus Mission Latest News, 7StarHD
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ISRO के Shukrayaan 1 mission के प्रारंभिक अध्ययनों को पूरा करने के लिए 2017 में सरकार की तरफ से ISRO को फंड जारी किए गए थे, और Shukrayaan-1 के बारे में कुछ जानकारी साझा की गई थी। नवीनतम जानकारी के अनुसार ISRO Shukrayaan-1 mission को 2025 में लॉंच करेगा और ISRO के इस Shukrayaan-1 (Venus Mission) में France भी पार्टीसिपेट करेगा।

ISRO का Shukrayaan 1 (Venus Mission) शुक्र ग्रह में भेजा जाने वाला एक ऑर्बिटर मिशन है, जो शुक्र ग्रह की परिक्रमा करेगा और उसकी जानकारी ISRO के भू-केंद्र में भेजेगा।

Shukrayaan 1 में 100 किलोग्राम के वैज्ञानिक उपकरण लगाने का प्लान है, जो की 500W की बैटरी और सोलर ऊर्जा से संचालित होंगे। Shukrayaan 1 की शुक्र ग्रह से सबसे नज़दीक दूरी 500 किलोमीटर और सबसे ज़्यादा दूरी 60,000 किलोमीटर होने की उम्मीद है। यानी Shukrayaan 1 शुक्र ग्रह की 500x60,000 किलोमीटर की परिधि में चक्कर लगाएगा।

Shukrayaan 1 अंतरिक्षयान की जानकारी

  • मिशन प्रकार :- वीनस आर्बिटर 
  • ऑपरेटर :- ISRO
  • Launch Date :- 2025 (Proposed)
  • Rocket :- GSLV Mark III
  • Launch Place :- SDSC SHAR
  • शुक्र वायुमंडलीय जांच (अंतरिक्ष यान घटक) :- Aerobot balloon
  • निर्माता :- ISAC
  • प्रक्षेपण द्रव्यमान :- 2500 kg
  • Payload :- 100 kg
  • Power :- 500 W


Overview of Shukrayaan 1 (शुक्रयान 1 का संक्षिप्त विवरण):

चंद्रयान और मंगलयान की सफलता के आधार पर, इसरो भविष्य में मंगल और शुक्र ग्रह पर भेजे जाने वाले अपने भविष्य के मिशन की व्यवहार्यता का अध्ययन कर रहा है। Shukrayaan 1 मिशन की अवधारणा पहली बार 2012 में ISRO की तिरुपति में हुई बैठक में बनाई गई थी।

भारत सरकार ने 2017-18 में अंतरिक्ष विभाग के बजट में 23% की वृद्धि की थी। अंतरिक्ष विज्ञान सेक्शन के तहत, बजट में "मंगल ऑर्बिटर मिशन II और मिशन टू वीनस" के प्रावधानों का उल्लेख किया गया था। इसके कुछ ही समय बाद 2017 में ही सरकार ने ISRO के शुक्र मिशन यानी Shukrayaan 1 के प्रारम्भिक अध्ययन के लिए फ़ंड जारी कर दिया था।

आपको बता दें की 2016 से 2017 तक, ISRO एक radio occultation experiment में जापान के अकात्सुकी (Akatsuki) से signal का उपयोग करके शुक्र वायुमंडल का अध्ययन करने के लिए JAXA के साथ सहयोग किया।


Shukrayaan 1 से शुक्र के बारे में क्या अध्ययन किया जाएगा

ISRO के शुक्रयान 1 (Shukrayaan 1) द्वारा शुक्र ग्रह के बारे में तीन व्यापक अनुसंधान किए जाएँगे। जो निम्नलिखित हैं :

  1. शुक्र ग्रह की सतह/उपसतह की विशेषताओं और पुन: सरफेसिंग प्रक्रियाओं का अध्ययन शामिल हैं;
  2. शुक्र ग्रह का वायुमंडलीय रसायन विज्ञान, गतिकी और संरचनागत विविधताओं का अध्ययन,
  3. शुक्र ग्रह में सौर विकिरण (solar radiation) और सौर वायु (solar wind) के साथ वायुमंडलीय इंटेरैक्सन का अध्ययन।


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